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जैन आचार्य की निर्मम हत्या पर आक्रोश — आकोला में जैन यूथ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन..

ब्यूरो चीफ – शेख सिराजुद्दीन, आकोला (नेशनल टाइम न्यूज़)

आकोला। पाली के निकट जाडन के पास जैन आचार्य भगवंत पुण्डरिकरत्न सूरीश्वरजी म.सा. को ट्रक द्वारा कुचलकर उनकी हत्या करने के सम्बन्ध में हत्या के दोषी को तुरन्त प्रभाव से गिरफ्तार करने तथा इस हत्या के षड़यंत्र में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए ड्राईवर से सघन पूछताछ एवं जांच के आदेश देने के लिए रविवार को सकल जैन समाज और जैन यूथ के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन को आकोला थानाधिकारी को दिया।

ज्ञापन में बताया गया किगत 28 मई को जैन आचार्य भगवन्त पुण्डरिकरत्न सूरीश्वरजी म.सा. अपने शिष्यों के साथ जाड़न से विहार करते हुए पाली की और आ रहे थे। सभी मुनि भगवंत सर्विस रोड से भी साईड में कच्ची पगडण्डी पर चल रहे थे। प्रातः तकरीबन 7 बजे एक ट्रक जो सोजत से पाली की ओर आ रहा था। उसने अपने ट्रक की गति को बढ़ाकर कर पगडण्डी पर चल रहे आचार्य भगवन्त की जानबूझ कर हत्या करने की नियत से उनको टक्कर मारकर ट्रक को पाली की ओर भगाकर ले गया। इस घटना के चश्मदीद साथ चल रहे मुनि भगवन्त (शिष्य) ने इस घटना की जानकारी अपने रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखी है।

उन मुनि भगवन्त का कहना है कि ट्रक ड्राईवर ने जानबूझकर इस कृत्य को किया है। इसी क्रम में 29 मई 2025 को भी श्रमण संघ के प्रकाश मुनि म.सा. के शिष्य अभिनन्दन मुनि म.सा. को भी बारडोली (गुजरात) ट्रक ड्राईवर ने टक्कर मारी जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। ज्ञापन देने के दौरान जैन यूथ अध्यक्ष नितेश बोहरा, पंकज मेहता, राहुल पिछोलिया, नितिन पोखरना, जितेंद्र सहलोत, चिराग पोखरना, फकीरचन्द सेठ, मयंक वया, अवि भंडारी आदि मौजूद थे।ज्ञापन में बताया गया है कि उपरोक्त हादसे किसी संयोगवश नहीं हो रहे है इसके पीछे किसी सुनियोजित षडयंत्र है, जिसका पर्दाफाश होना सिर्फ जैन समाज के लिए ही नहीं अपितु सम्पूर्ण संत समाज व मानवजाति के लिए अतिआवश्यक है।

उक्त घटना क्रम के बादसकल जैन संघ एवं पूरे भारत में जैन धर्म के अनुयाईयों के साधु-संत तथा सभी श्रावक-श्राविकाएँ में भारी आक्रोश है। अतः हमारा राजस्थान सरकार एवं सम्बन्धित विभाग से विनम्र निवेदन है कि उपरोक्त प्रकरण में आचार्य भगवन्त पुण्डरिक रत्न सूरीश्वरजी म.सा. के हत्या के दोषी को तुरन्त प्रभाव से गिरफ्तार किया जावे तथा इस हत्या के षड़यंत्र में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए ड्राईवर से सघन पूछताछ एवं इन्वेस्टिगेशन किए जाने का आदेश प्रदान करावें। इस प्रकरण में शामिल कोई भी व्यक्ति हो इसकी निष्पक्ष जांच करावे। साधु-संतों को टक्कर मारकर भागने वाले ड्राईवरों के लिए प्रदेश भर में धारा 106 (BNS) में मुकदमा दर्ज किया जाये। अनिवार्य फुटपाथ और सड़क सुरक्षा ढांचा सभी प्रमुख सड़कों, राजमार्गों पर विशेषकर साधु-संतों, श्रद्धालुओं व सामान्य पद यात्रियों द्वारा प्रयुक्त मार्गों पर कम से कम 3 फिट चौड़ा व एक फिट ऊंची फुटपथ बनाई जावे।

सड़क डिवाईडर और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन, सड़क पर डिवाईडर स्थापित कर यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जावे। ताकि पदयात्रियों की सुरक्षा हो और दुर्घटनाओं का खतरा भी कम हो। राष्ट्रीय पदयात्री सुरक्षा मिशन का शुभारम्भ पदयात्रियों, विशिष्ठ रूप से साधु-संत एवं तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा हेतु एक विशेष कार्यक्रम प्रारम्भ किया जावे। यह केवल पूज्य गुरुदेव की स्मृति में ही नहीं बल्कि भारत की सड़कों पर चलने वाले हर जीवन की सुरक्षा एवं गरिमा के लिए है। हम सभी शान्तिप्रिय नागरिक और जैन समाज के सदस्यगण आपसे नम्र निवेदन करते हैं कि आप अपने प्रभाव का उपयोग कर इसमें हस्तक्षेप की अपेक्षा रखते हैं। जैन समाज व जैन यूथ के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को इस अत्यंत गंभीर विषय पर त्वरित एवं निर्णायक कदम उठाने की अपील की है।
फोटो आकोला। आकोला पुलिस थाने में जैन यूथ द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देते।

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