ब्यूरो चीफ – शेख सिराजुद्दीन, आकोला (नेशनल टाइम न्यूज़)
आकोला। 15 जुलाई 2025
आंदोलन की वजह
आकोला में अखिल राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक संयुक्त समन्वय समिति के नेतृत्व में कृषि पर्यवेक्षक एवं पदोन्नत सहायक कृषि अधिकारियों ने अपनी 11 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया।

कहाँ और किसके माध्यम से सौंपा ज्ञापन
सहायक निदेशक कृषि विस्तार कार्यालय कपासन, चित्तौड़गढ़-बेगूं के माध्यम से ज्ञापन को मुख्यमंत्री, कृषि विभाग सचिव एवं कृषि आयुक्त के नाम भेजा गया।

प्रमुख मांगे इस प्रकार रही
👉 पे ग्रेड विसंगति दूर कर समान स्तर वेतनमान लागू हो।
👉 प्रत्येक ग्राम पंचायत पर कृषि पर्यवेक्षक का पद स्वीकृत हो।
👉 वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक पदों का उचित अनुपात में सृजन हो।
👉 ऑनलाइन कार्य के लिए ₹1000 रिचार्ज भत्ता या CUG सिम की सुविधा हो।
👉 3750 ₹ बहुआयामी भत्ता व ₹2000 अतिरिक्त चार्ज भत्ता मिले।
👉 किसान सेवा केंद्रों का निर्माण एवं किराया + रखरखाव भत्ता सुनिश्चित हो।
👉 स्टेशनरी भत्ता ₹500 प्रतिमाह या वार्षिक स्टेशनरी सुविधा मिले।
👉 सभी कृषि अधिकारियों के कार्यालय में कंप्यूटर व प्रिंटर अनिवार्य हों।
👉 प्रकोष्ठ बैठकें हर माह हों ताकि ज़मीनी समस्याओं का समाधान हो।
👉 15% कोटा सीधी भर्ती में व 75% प्रमोशन कोटा सुनिश्चित हो।
धरने में भागीदारी और नेतृत्व
👉 धरना सत्येंद्र कुमार गोड (जिला संयोजक) के निर्देशन में, संचालन बालूराम शर्मा, मार्गदर्शन नारायण जाट, गोपाल चाष्टा, पारसमल रेगर आदि वरिष्ठों द्वारा हुआ।
👉 चित्तौड़गढ़ और बेगूं में भी प्रदर्शन आयोजित किया गया जिसमें सैकड़ों कृषि कर्मचारी शामिल हुए।
क्या बोले संगठन के प्रतिनिधि
आशा जोशी व शिव शंकर उपाध्याय ने कहा — हमारे कार्य अत्यधिक तकनीकी व जिम्मेदारीपूर्ण हैं, लेकिन लंबे समय से उपेक्षित हैं। जब तक हमारी 11 सूत्रीय मांगे नहीं मानी जाती, आंदोलन जारी रहेगा।

