Homeदेशआकोला निवासी पूर्व प्रधान हिंगड को सीएम ने किया सम्मान..

आकोला निवासी पूर्व प्रधान हिंगड को सीएम ने किया सम्मान..

ब्यूरो चीफ – शेख सिराजुद्दीन, आकोला (नेशनल टाइम न्यूज़)

आकोला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर में आयोजित राज्यस्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में आकोला निवासी पूर्व प्रधान भगवती लाल हिंगड को भामाशाह सम्मान से सम्मानित किया। ये पुरस्कार मुख्यमंत्री शर्मा ने जयपुर के जवाहरनगर स्थित माहेश्वरी पब्लिक स्कूल में आयोजित 29 वें राज्यस्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में दानदाताओं द्वारा विद्यालयों के भौतिक विकास एवं अन्य संसाधन उपलब्ध करवाकर दिये गये सहयोग के दृष्टिगत विकास में सहयोगी बनने पर प्रदान किया है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर आदि भी मौजूद थे। पूर्व प्रधान हिंगड को ये पुरस्कार चितौड़गढ़ जिले के विभिन्न राजकीय विद्यालयों में शिक्षा हित में प्रार्थना हाल, बरामदा मरम्मत, फर्श निर्माण सहित विभिन्न उत्कृष्ट कार्य एवं शिक्षा उन्नयन की दृष्टि से वर्ष 2024-25 में चित्तौड़गढ़ जिले के आकोला के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शिक्षा हित में मातुश्री स्व. सुगना देवी के स्मृति में प्रार्थना हॉल, बरामदा मरम्मत, फर्श निर्माण सहित विभिन्न उतकृष्ट कार्यो के लिए कुल राशि 53.83 लाख का योगदान कर सराहनीय कार्य करने के लिए प्रदान किया है।

*कौन है समाजसेवी भामाशाह हिंगड़*

*व्यक्तित्व एक नजर में*

सन् 1952 में जन्मे भगवती लाल हिंगड छात्र जीवन से ही राजनीति एवं जन सेवा के प्रति रुचि रखते थे। भगवती लाल के दादा पांच वर्षों तक आकोला ग्राम के सरपंच रहे। जन सेवा के संस्कार इन्हें अपने दादा पूर्व सरपंच रतन लाल से विरासत में मिले। जुझारू व्यक्तित्व. कुशल नेतृत्व एवं प्रखर वक्ता की बदौलत 1978 में मात्र 25 वर्ष की अल्पायु में चित्तौड़गढ़ जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत आकोला से रिकार्ड मतों से सरपंच बने तो निरन्तर तीन बार 1991 तक सरपंच पद पर रहते हुए आकोला ग्राम पंचायत की सेवा की। सरपंच कार्यकाल में भगवती लाल ने शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, सडक निर्माण, जनहित सहित कई क्षेत्रों में कार्य करवाए। पेयजल समस्या का तो ऐसा निराकरण किया कि अकाल के समय भी आकोला की जनता को पर्याप्त जलापूर्ति होती रहती थी। पशुओं के चारे-पानी की व्यवस्था भी अकाल में लगातार की। यहां के घास डिपो से लगभग 15 पंचायतों के पशुपालकों को सुविधा मिली।

1995 में वे चित्तौड़गढ़ जिले के वार्ड 7 से जिला परिषद सदस्य के रूप में विजयी हुए। इस काल में भी उन्होंने अपने क्षेत्र एवं वार्ड में बहुमुखी विकास कराएं। सन् 2000 में पंचायत समिति भूपालसागर के प्रधान पद पर आसीन हुए। प्रधान कार्यकाल में उन्होंने विकास के नए आयाम स्थापित किए। इनके कार्यकाल में पंचायत समिति भूपालसागर क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में पेयजल, बिजली, सड़क आदि क्षेत्र में विकास तो हुआ ही पास ही प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल सांडेश्वर महादेव के मंदिर का जीर्णोद्धार एवं सम्पर्क सड़क से जोड़कर सड़क के दोनों किनारों पर पौधारोपण कर कायाकल्प कर दी। वर्ष 2005 में हुए – पं.स. चुनाव में एक बार पुनः कांग्रेस का बोर्ड बना। फरवरी 2005 में पुनः चौथी बार आकोला के सरपंच निर्वाचित हुए। वे 27 वर्षों तक निर्बाध जन प्रतिनिधित्व करते रहे। 2 अक्टूबर 2009 को विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित पंचायत राज के स्वर्ण जयंती समारोह में सम्मानित हुए।

गौरतलब है कि हिंगड को पूर्व में 2009 में भी पंचायत राज व्यवस्था में लगातार 28 वर्षों की सक्रिय जन प्रतिनिधि के रूप में उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए 2 अक्टूबर 2009 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

शनिवार को जयपुर में मुख्यमंत्री शर्मा ने हिंगड को व साथ ही में क्षेत्र के भामाशाहों को प्रेरित करने वाले आकोला उच्य माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल अनिल कुमार शर्मा को भी भामाशाह प्रेरक के रूप में राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया। पूर्व प्रधान हिंगड व प्रिसिंपल शर्मा का जयपुर सम्मान समारोह से आकोला देर रात्रि में पहुंचने पर ग्रामवासियों जनप्रतिनिधियों सैकड़ों लोगों ने रात्रि में ही सम्मान कर घर पहुंचाया।

फोटो आकोला। भामाशाह हिंगड को जयपुर में सीएम द्वारा सम्मानित करते।

फोटो आकोला। भामाशाह हिंगड का जयपुर सम्मान से लोटने पर क्षेत्रवासियों द्वारा स्वागत सम्मान करते ग्रामीण।

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