ब्यूरो चीफ – शेख सिराजुद्दीन, आकोला (नेशनल टाइम न्यूज़)
आकोला। बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं है और वह हर वो काम कर रही हैं जिसकी जिम्मेदारी कानून और समाज के द्वारा बेटों को दी गई है, ऐसा ही कुछ चित्तौड़गढ़ जिले के आकोला निकटवर्ती ताणा गांव में भी देखने को मिला। जब पिता की मौत होने पर बेटे के न होने पर उनकी दो बेटियों ने न सिर्फ कंधा दिया बल्कि मुखाग्नि देकर हिंदू रीति रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया।

पिता की चिता में मुखाग्नि सिर्फ बेटा ही दे सकता है। बेटियां चिता को आग नहीं लगा सकतीं। इस रूढ़िवादी सामाजिक सोच से ऊपर उठकर ताणा गांव के राव परिवार की बेटियों ने बुधवार को न सिर्फ पिता के शव को कंधा लगाया, बल्कि श्मशान घाट पर मुखाग्नि देकर अपना फर्ज अदा किया। शमशान पर मृत्यु किसन सिंह राव की दोनों बेटियां भी गई थीं। किसन सिंह को मुखाग्नि देकर बेटी ने साबित कर दिया कि बेटा और बेटी में फर्क नहीं होता।

ताणा निवासी (65) वर्षीय बिमारी से किसन सिंह की बुधवार को मौत हो गई थी। उनकी दो बेटियां है। बड़ी बेटी कमलेश कुंवर ओर छोटी बेटी प्रांजल कुंवर दोनों बेटियों ने अपने पिता के लिए बेटा और बेटी दोनों का कर्तव्य निभाकर उन्हें बड़ी बेटी कमलेश कुंवर ने मुखाग्नि दी।

पिता के निधन से दुखी बेटियों ने बड़े भारी दुखित मन से पिता की अंतिम यात्रा में शामिल हुई शमशानघाट में आंखों से छलक रहे आसुंओं के बीच इस बहादुर बेटियों ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। बेटी को उसके पिता को मुखाग्नि देते देखकर वहां उपस्थितजनों की भी अति ममतामय करुणामय दृश्य को देखकर आंखें नम हो गई।
फोटो आकोला। ताणा गांव में बेटी द्वारा पिता को मुखाग्नि देते।
